कुरान - 21:84 सूरह अल-अंबिया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

84
فَٱسۡتَجَبۡنَا لَهُۥ فَكَشَفۡنَا مَا بِهِۦ مِن ضُرّٖۖ وَءَاتَيۡنَٰهُ أَهۡلَهُۥ وَمِثۡلَهُم مَّعَهُمۡ رَحۡمَةٗ مِّنۡ عِندِنَا وَذِكۡرَىٰ لِلۡعَٰبِدِينَ

Transliteration: (Fastajabnaa lahoo fakashaf naa maa bihee min durrinw wa aatainaahu ahlahoo wa mislahum ma'ahum rahmatan min 'indinaa wa zikraa lil'aabideen)

84. तो हमने उनकी दुआ क़ुबूल फ़रमाई और उन्हें जो तकलीफ़ थी उसे दूर कर दिया, और हमने उन्हें उनके अहलो-अयाल अता किए और उनके साथ उनके जैसे और भी दिए अपनी ख़ास रहमत के तौर पर [127], और इबादतगुज़ारों के लिए एक नसीहत बनाकर। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अंबिया आयत 84 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अंबिया — आयत 84 की तफ़सीर

"तो हमने उनकी दुआ क़ुबूल फ़रमाई और उन्हें जो तकलीफ़ थी उसे दूर कर दिया, और हमने उन्हें उनके अहलो-अयाल अता किए और उनके साथ उनके जैसे और भी दिए अपनी ख़ास रहमत के तौर पर [127], और इबादतगुज़ारों के लिए एक नसीहत बनाकर।"

[127] सेहत, शिफ़ा और नेअमतों की दुगुनी वापसी

अल्लाह तआला ने हज़रत अय्यूब की दुआ क़बूल फ़रमाई। उन्हें ज़मीन पर पाँव मारने का हुक्म हुआ जिससे एक ठंडा चश्मा फूट पड़ा। उस पानी से नहाने और पीने से उनकी तमाम बीमारियाँ दूर हो गईं और वे पहले से भी ज़ियादा तंदुरुस्त और हसीन हो गए। साथ ही अल्लाह ने उनकी औलाद, माल व दौलत और अहलो-अयाल को दोबारा ज़िन्दगी और पहले से दुगुना अता फ़रमा दिया।

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