कुरान - 21:85 सूरह अल-अंबिया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

85
وَإِسۡمَٰعِيلَ وَإِدۡرِيسَ وَذَا ٱلۡكِفۡلِۖ كُلّٞ مِّنَ ٱلصَّـٰبِرِينَ

Transliteration: (Wa Ismaa'eela wa Idreesa wa Zal Kifli kullum minas saabireen)

85. और इस्माईल और इद्रीस को [128] और ज़ुल-किफ़्ल को (याद कीजिए); ये सब के सब बड़े सब्र करने वाले थे [129] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अंबिया आयत 85 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अंबिया — आयत 85 की तफ़सीर

"और इस्माईल और इद्रीस को [128] और ज़ुल-किफ़्ल को (याद कीजिए); ये सब के सब बड़े सब्र करने वाले थे [129] ।"

[128] हज़रत इस्माईल, इद्रीस और ज़ुल-किफ़्ल (अलैहिमुस्सलाम) का ज़िक्र

हज़रत इस्माईल ने अल्लाह के हुक्म पर अपनी जान क़ुर्बान करने के लिए पेश कर दी; हज़रत इद्रीस को अल्लाह ने ज़िन्दा आसमान पर उठा लिया; और हज़रत ज़ुल-किफ़्ल ने अपनी क़ौम के दरमियान इंसाफ़ और अहदे इलाही को पूरा करने में बे-नज़ीर किरदार अदा किया।

[129] सब्र के मुजस्समे

इन तमाम मुक़द्दस हस्तियों को अल्लाह तआला ने 'साबिरीन' (सब्र करने वाले) फ़रमाया। इन्होंने इताअत, आज़माइशों और दीनी मुश्किलात पर साबित-क़दमी का आला तरीन नमूना पेश किया।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now