Transliteration: (Fastajabnaa lahoo wa najjainaahu minal ghamm; wa kazaalika nunjil mu'mineen)
"तो हमने उनकी दुआ क़ुबूल फ़रमाई और उन्हें उस ग़म से नजात दी [135]; और इसी तरह हम ईमान वालों को नजात दिया करते हैं [136] ।"
अल्लाह तआला ने हज़रत यूनुस की दुआ क़बूल फ़रमाई और मछली को हुक्म दिया कि वह उन्हें किनारे पर सलामत उगल दे। अल्लाह ने उन पर साये के लिए कद्दू (यक़्तीन) की बेल उगाई और उन्हें मुकम्मल राहत बख़्शी।
अल्लाह तआला ने फ़रमाया कि जिस तरह हमने हज़रत यूनुस को अज़ीम ग़म से नजात दी, उसी तरह जो मोमिन भी सिद्क़े दिल से आयते करीमा के ज़रिये हमें पुकारेगा, हम उसे हर बला और मुसीबत से नजात बख़्शेंगे।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat