कुरान - 21:88 सूरह अल-अंबिया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

88
فَٱسۡتَجَبۡنَا لَهُۥ وَنَجَّيۡنَٰهُ مِنَ ٱلۡغَمِّۚ وَكَذَٰلِكَ نُـۨجِي ٱلۡمُؤۡمِنِينَ

Transliteration: (Fastajabnaa lahoo wa najjainaahu minal ghamm; wa kazaalika nunjil mu'mineen)

88. तो हमने उनकी दुआ क़ुबूल फ़रमाई और उन्हें उस ग़म से नजात दी [135]; और इसी तरह हम ईमान वालों को नजात दिया करते हैं [136] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अंबिया आयत 88 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अंबिया — आयत 88 की तफ़सीर

"तो हमने उनकी दुआ क़ुबूल फ़रमाई और उन्हें उस ग़म से नजात दी [135]; और इसी तरह हम ईमान वालों को नजात दिया करते हैं [136] ।"

[135] मछली के पेट से बा-हिफ़ाज़त रिहाई

अल्लाह तआला ने हज़रत यूनुस की दुआ क़बूल फ़रमाई और मछली को हुक्म दिया कि वह उन्हें किनारे पर सलामत उगल दे। अल्लाह ने उन पर साये के लिए कद्दू (यक़्तीन) की बेल उगाई और उन्हें मुकम्मल राहत बख़्शी।

[136] मोमिनीन के लिए नजात का दायमी वादा

अल्लाह तआला ने फ़रमाया कि जिस तरह हमने हज़रत यूनुस को अज़ीम ग़म से नजात दी, उसी तरह जो मोमिन भी सिद्क़े दिल से आयते करीमा के ज़रिये हमें पुकारेगा, हम उसे हर बला और मुसीबत से नजात बख़्शेंगे।

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