Transliteration: (Hattaaa izaa futihat Ya'jooju wa Ma'jooju wa hum min kulli hadabiny yansiloon)
"यहाँ तक कि [149] जब याजूज और माजूज खोल दिए जाएंगे [150], और वे हर टीले व बुलन्दी से तेज़ी से दौड़ते हुए निकल पड़ेंगे;"
दुनिया की मोहलत उस वक़्त तक है जब तक क़ियामत की बड़ी निशानियाँ ज़ाहिर न हो जाएं। जब याजूज व माजूज का खुरूज होगा, तो क़ियामत की घड़ी बिल्कुल सर पर होगी।
याजूज और माजूज हज़रत नूह (अलैहिस्सलाम) के बेटे याफ़िस की औलाद में से दो अज़ीम जंगली क़बीले हैं जिन्हें हज़रत ज़ुल-क़रनैन ने लोहे और तांबे की दीवार के पीछे रोक रखा है। क़ियामत के क़रीब हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) के नुज़ूल के बाद वे दीवार तोड़कर निकल पड़ेंगे और हर बुलन्दी से सैलाब की तरह बहते हुए सारी ज़मीन पर फ़साद मचाएंगे।
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