Transliteration: (Waqtarabal wa'dul haqqu fa-izaa hiya shaakhisatun absaarul lazeena kafaroo yaawailanaa qad kunna fee ghaflatin min haaza bal kunnaa zaalimeen)
"और सच्चा वादा (क़ियामत) बिल्कुल क़रीब आ पहुंचेगा; तो अचानक काफ़िरों की आंखें फटी की फटी रह जाएंगी [151] (और वे कहेंगे), 'हाय हमारी बर्बादी! हम तो इस (दिन) से ग़फ़लत में थे, बल्कि हम ही ज़ालिम थे [152]!'"
सूर फूंके जाने पर जब क़ियामत बरपा होगी, तो काफ़िरों की आंखें ख़ौफ़ व दहशत के मारे पथरा जाएंगी और फटी की फटी रह जाएंगी। उस दिन की हैबत उनके होश उड़ा देगी।
काफ़िर चीख़ उठेंगे कि अफ़सोस हम दुनिया में इस दिन से बे-ख़बर रहे बल्कि जान-बूझकर अपनी जानों पर ज़ुल्म करते रहे। लेकिन उस वक़्त का इक़रार-ए-जुर्म और पछतावा कोई नफ़ा न देगा क्योंकि अमल का वक़्त गुज़र चुका होगा।
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