Transliteration: (Law kaana haaa'ulaaa'i aalihatan maa waradoohaa wa kullun feehaa khaalidoon)
"अगर ये सचमुच माबूद होते तो इसमें दाख़िल न होते [154]; और सब के सब उसमें हमेशा-हमेशा रहेंगे [155] ।"
अल्लाह तआला ने वाज़ेह फ़रमाया कि अगर इन बुतों में ख़ुदाई की कोई भी सिफ़त होती, तो वे जहन्नम की आग में न जलते। जो खुद आग से नहीं बच सकते, वे माबूद कैसे हो सकते हैं?
काफ़िर और मुशरिक़ीन जहन्नम में हमेशा-हमेशा रहेंगे, उन्हें कभी इससे रिहाई नहीं मिलेगी और न उनके अज़ाब में कोई तख़फ़ीफ़ (कमी) की जाएगी।
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