Transliteration: (Wa haraamun 'alaa qaryatin ahlaknaahaaa annahum laa yarji'oon)
"और जिस बस्ती को हमने हलाक कर दिया उसके लिए यह नामुमकिन (हराम) है कि वे (दुनिया में) दोबारा वापस लौट आएं [148];"
यहाँ 'हराम' से मुराद मुम्तनेअ और नामुमकिन है। जिन काफ़िरों और सरकश क़ौमों को अज़ाब के ज़रिये हलाक कर दिया गया, उनके लिए दुनिया में दोबारा लौटकर तौबा करना या आमाल सुधारना क़तई नामुमकिन है। मोहलत सिर्फ़ ज़िन्दगी तक है; मौत के बाद सिर्फ़ जज़ा व सज़ा है।
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