Transliteration: (Wa taqatta'ooo amrahum bainahum kullun ilainaaa raaji'oon (section 6))
"मगर लोगों ने अपने दीन को आपस में टुकड़े-टुकड़े (फ़िरक़ा-फ़िरक़ा) कर डाला; सब के सब हमारी ही तरफ़ लौटने वाले हैं [145] ।"
अंबिया-ए-किराम की वाज़ेह हिदायात के बावजूद लोगों ने अपनी ख़्वाहिशात और हठधर्मी की वजह से दीन को टुकड़ों में बांट दिया और नए-नए बातिल अक़ीदे गढ़ लिए। अल्लाह तआला ने ख़बरदार किया कि सब को हमारी ही बारगाह में पेश होना है जहाँ हर एक के अक़ीदे और आमाल का हक़ीक़ी फ़ैसला फ़रमाया जाएगा।
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