कुरान - 21:93 सूरह अल-अंबिया अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

93
وَتَقَطَّعُوٓاْ أَمۡرَهُم بَيۡنَهُمۡۖ كُلٌّ إِلَيۡنَا رَٰجِعُونَ

Transliteration: (Wa taqatta'ooo amrahum bainahum kullun ilainaaa raaji'oon (section 6))

93. मगर लोगों ने अपने दीन को आपस में टुकड़े-टुकड़े (फ़िरक़ा-फ़िरक़ा) कर डाला; सब के सब हमारी ही तरफ़ लौटने वाले हैं [145] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अंबिया आयत 93 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अंबिया — आयत 93 की तफ़सीर

"मगर लोगों ने अपने दीन को आपस में टुकड़े-टुकड़े (फ़िरक़ा-फ़िरक़ा) कर डाला; सब के सब हमारी ही तरफ़ लौटने वाले हैं [145] ।"

[145] बातिल फ़िरक़ा-बंदियों की मज़म्मत और बाज़पुर्स

अंबिया-ए-किराम की वाज़ेह हिदायात के बावजूद लोगों ने अपनी ख़्वाहिशात और हठधर्मी की वजह से दीन को टुकड़ों में बांट दिया और नए-नए बातिल अक़ीदे गढ़ लिए। अल्लाह तआला ने ख़बरदार किया कि सब को हमारी ही बारगाह में पेश होना है जहाँ हर एक के अक़ीदे और आमाल का हक़ीक़ी फ़ैसला फ़रमाया जाएगा।

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