कुरान - 8:60 सूरह अल-अन्फाल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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وَأَعِدُّواْ لَهُم مَّا ٱسۡتَطَعۡتُم مِّن قُوَّةٖ وَمِن رِّبَاطِ ٱلۡخَيۡلِ تُرۡهِبُونَ بِهِۦ عَدُوَّ ٱللَّهِ وَعَدُوَّكُمۡ وَءَاخَرِينَ مِن دُونِهِمۡ لَا تَعۡلَمُونَهُمُ ٱللَّهُ يَعۡلَمُهُمۡۚ وَمَا تُنفِقُواْ مِن شَيۡءٖ فِي سَبِيلِ ٱللَّهِ يُوَفَّ إِلَيۡكُمۡ وَأَنتُمۡ لَا تُظۡلَمُونَ

Transliteration: (Wa a'iddoo lahum mastata'tum min quwwatinw wa mirribaatil khaili turhiboona bihee 'aduwwal laahi wa 'aduwwakum wa aakhareena min doonihim laa ta'lamoo nahum Allaahu ya'lamuhum; wa maa tunfiqoo min shai'in fee sabeelil laahi yuwaffa ilaikum wa antum laa tuzlamoon)

और तैयार रखो उनके (मुक़ाबले के) लिए जो कुछ कुव्वत (ताक़त) और बंधे हुए घोड़ों में से तुमसे हो सके, जिसके ज़रिए तुम अल्लाह के दुश्मन और अपने दुश्मन को और उनके सिवा दूसरों को ख़ौफ़ज़दा कर सको जिन्हें तुम नहीं जानते, अल्लाह उन्हें जानता है; और जो कुछ भी तुम अल्लाह की राह में ख़र्च करोगे वह तुम्हें पूरा-पूरा दिया जाएगा और तुम पर कोई ज़ुल्म नहीं किया जाएगा। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अन्फाल आयत 60 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-अनफ़ाल - आयत 60

✅ दुश्मनों के मुक़ाबले में तय्यारी और ताक़त

अल्लाह तआला ने मोमिनीन को हुक्म दिया कि दीने इस्लाम और मुल्क की हिफ़ाज़त के लिए अपनी पूरी इस्तेअदाद के मुताबिक़ असलिहा, फ़ौजी ताक़त और सवारियां (साज़ो-सामान) तैयार रखें, ताकि दुश्मनों पर रोअब क़ायम रहे। अल्लाह की राह में ख़र्च किए गए हर माल का भरपूर सवाब दिया जाएगा।

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