कुरान - 8:8 सूरह अल-अन्फाल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

8
لِيُحِقَّ ٱلۡحَقَّ وَيُبۡطِلَ ٱلۡبَٰطِلَ وَلَوۡ كَرِهَ ٱلۡمُجۡرِمُونَ

Transliteration: (Liyuhiqqal haqqa wa yubtilal baatila wa law karihal mujrimoon)

ताकि वह हक़ को क़ायम करे और बातिल को मिटा दे, चाहे गुनहगार उसे कितना ही नापसंद करें [16]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अन्फाल आयत 8 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-अनफ़ाल – आयत 8 की तफ़्सीर

✅ [16] हक़ की बरतरी, बातिल का अंत

यहाँ गुनहगारों से मुराद मशरिक़ीन हैं जो बद्र में मुसलमानों की जीत को बेहद कड़वा समझ रहे थे। लेकिन अल्लाह का इरादा यह था कि हक़ मज़बूती से क़ायम हो और बातिल हमेशा के लिए मिट जाए, चाहे काफ़िरों और गुनहगारों को कितना ही नापसंद क्यों न हो।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now