कुरान - 29:13 सूरह अल-अनकबूत अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

13
وَلَيَحۡمِلُنَّ أَثۡقَالَهُمۡ وَأَثۡقَالٗا مَّعَ أَثۡقَالِهِمۡۖ وَلَيُسۡـَٔلُنَّ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِ عَمَّا كَانُواْ يَفۡتَرُونَ

Transliteration: (Wa la yahmilunna asqaa lahum wa asqaalam ma'a asqaalihim wa la yus'alunna Yawmal Qiyaamati 'ammaa kaanoo yaftaroon (section 1))

और वे ज़रूर अपने बोझ उठाएंगे [26] और अपने बोझों के साथ और भी बहुत से बोझ (दूसरों को गुमराह करने के) उठाएंगे; और क़यामत के दिन ज़रूर उनसे उस बारे में बाज़पुर्स की जाएगी जो वे झूठे बोहतान बांधते थे [27]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अनकबूत आयत 13 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अंकबूत तफ़सीर - आयत 13

"और वे ज़रूर अपने बोझ उठाएंगे [26] और अपने बोझों के साथ और भी बहुत से बोझ (दूसरों को गुमराह करने के) उठाएंगे; और क़यामत के दिन ज़रूर उनसे उस बारे में बाज़पुर्स की जाएगी जो वे झूठे बोहतान बांधते थे [27]।"

[26] दोहरे गुनाहों का बोझ

गुमराह करने वाले सरदार अपने कुफ़्र का बोझ तो उठाएंगे ही, साथ ही उन तमाम लोगों के गुनाहों का वबाल भी उनके सर होगा जिन्हें उन्होंने बहकाकर गुमराह किया था, जैसा कि हदीस में फ़रमाया: "जिसने बुरा तरीक़ा ईजाद किया, उस पर उसका अपना गुनाह भी है और उस पर अमल करने वालों का गुनाह भी।"

[27] झूठे दावों पर सख़्त बाज़पुर्स

क़ियामत के दिन उनके इन झूठे दावों और धोखेबाज़ियों पर सख़्त पकड़ होगी।

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