कुरान - 29:19 सूरह अल-अनकबूत अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

19
أَوَلَمۡ يَرَوۡاْ كَيۡفَ يُبۡدِئُ ٱللَّهُ ٱلۡخَلۡقَ ثُمَّ يُعِيدُهُۥٓۚ إِنَّ ذَٰلِكَ عَلَى ٱللَّهِ يَسِيرٞ

Transliteration: (Awa lam yaraw kaifa yubdi'ul laahul khalqa summa yu'eeduh; inna zaalika 'alal laahi yaseer)

क्या उन्होंने नहीं देखा कि अल्लाह किस तरह पैदाइश की इब्तिदा करता है [41], फिर उसका इआदा करेगा (दोबारा पैदा करेगा)? बेशक यह अल्लाह के लिए बहुत आसान है [42]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अनकबूत आयत 19 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अंकबूत तफ़सीर - आयत 19

"क्या उन्होंने नहीं देखा कि अल्लाह किस तरह पैदाइश की इब्तिदा करता है [41], फिर उसका इआदा करेगा (दोबारा पैदा करेगा)? बेशक यह अल्लाह के लिए बहुत आसान है [42]।"

[41] पहली पैदाइश और दोबारा ज़िंदा करना

जिस अल्लाह ने इंसान को पहली बार अदम से वजूद बख़्शा, उसके लिए मरने के बाद दोबारा पैदा करना और क़ब्रों से उठाना तो ब-दर्जा औला आसान है।

[42] अल्लाह की क़ुदरत के लिए सब आसान

अल्लाह की क़ुदरत के आगे मुश्किल या आसान का कोई फ़र्क़ नहीं; वह सिर्फ़ 'कुन' फ़रमाता है और सब कुछ हो जाता है।

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