कुरान - 29:35 सूरह अल-अनकबूत अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

35
وَلَقَد تَّرَكۡنَا مِنۡهَآ ءَايَةَۢ بَيِّنَةٗ لِّقَوۡمٖ يَعۡقِلُونَ

Transliteration: (Wa laqad taraknaa min haaa aayatan baiyinatan liqawminy ya'qiloon)

और बेशक हमने उसमें से अक़्लमंद लोगों के लिए एक खुली निशानी (इबरत) बाक़ी छोड़ दी है [85]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अनकबूत आयत 35 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अंकबूत तफ़सीर - आयत 35

"और बेशक हमने उसमें से अक़्लमंद लोगों के लिए एक खुली निशानी (इबरत) बाक़ी छोड़ दी है [85]।"

[85] बहर-ए-मुर्दार (Dead Sea) का इबरतनाक मंज़र

आज भी उर्दन में वह जगह जहाँ क़ौमे लूत की बस्तियाँ उलटी गई थीं, बहर-ए-मय्यित (Dead Sea) के नाम से मौजूद है जिसका पानी निहायत बदबूदार, भारी और ज़हरीला है जिसमें कोई जानदार ज़िंदा नहीं रह सकता। यह अक़्लमंदों के लिए अल्लाह के क़हर की खुली निशानी है।

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