Transliteration: (Innal laaha ya'lamu maa yad'oona min doonihee min shai'; wa Huwal 'Azeezul Hakeem)
"बेशक अल्लाह ख़ूब जानता है जिस किसी चीज़ को भी वे उसके सिवा पुकारते (पूजते) हैं [105]; और वही ज़बरदस्त (ग़ालिब), बड़ी हिकमत वाला है [106]।"
अल्लाह तआला ख़ूब जानता है कि मुशरिकीन किन बेजान पत्थरों, बुतों और मख़लूक़ को पूजते हैं और उनके सामने झुकते हैं। अल्लाह से किसी का कोई अमल और अक़ीदा पोशीदा नहीं है। यहाँ इबादत से मुराद माबूद समझकर पूजा करना है। मुक़र्रब बंदों से शफ़ाअत और मदद तलब करना शिर्क नहीं, क्योंकि मोमिन हक़ीक़ी कारसाज़ सिर्फ़ अल्लाह को मानता है।
अल्लाह तआला ज़बरदस्त ताक़त वाला है, वह चाहे तो मुनकिरों को फ़ौरन हलाक कर दे, मगर वह हिकमत वाला भी है। उसकी हिकमत का तक़ाज़ा है कि वह मुहलत देता है ताकि जिसकी क़िस्मत में हिदायत हो वह तौबा कर ले या उसकी नस्ल से ईमान वाले पैदा हों।
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