कुरान - 29:55 सूरह अल-अनकबूत अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

55
يَوۡمَ يَغۡشَىٰهُمُ ٱلۡعَذَابُ مِن فَوۡقِهِمۡ وَمِن تَحۡتِ أَرۡجُلِهِمۡ وَيَقُولُ ذُوقُواْ مَا كُنتُمۡ تَعۡمَلُونَ

Transliteration: (Yawma yaghshaahumul 'azaabu min fawqihim wa min tahti arjulihim wa yaqoolu zooqoo maa kuntum ta'maloon)

जिस दिन अज़ाब उन्हें उनके ऊपर से और उनके पांवों के नीचे से ढांप लेगा, और (अल्लाह) फ़रमाएगा, 'चखो उसका मज़ा जो तुम किया करते थे!' [139] (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अनकबूत आयत 55 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अंकबूत तफ़सीर - आयत 55

"जिस दिन अज़ाब उन्हें उनके ऊपर से और उनके पांवों के नीचे से ढांप लेगा, और (अल्लाह) फ़रमाएगा, 'चखो उसका मज़ा जो तुम किया करते थे!' [139]"

[139] क़यामत के दिन अज़ाब की शिद्दत

उस दिन जहन्नुम की आग काफ़िरों को ऊपर से, नीचे से और चारों तरफ़ से पूरी तरह घेर लेगी। यह अज़ाब सिर्फ़ काफ़िरों के लिए ऐसा मुकम्मल होगा कि कोई हिस्सा नहीं बचेगा। गुनहगार मोमिनीन अगर जहन्नुम में जाएंगे भी तो उनके सजदे की जगहें और पेशानी आग से महफ़ूज़ रहेंगी। उनसे कहा जाएगा कि आज अपने ही बुरे आमाल का मज़ा चखो।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now