कुरान - 29:58 सूरह अल-अनकबूत अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

58
وَٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّـٰلِحَٰتِ لَنُبَوِّئَنَّهُم مِّنَ ٱلۡجَنَّةِ غُرَفٗا تَجۡرِي مِن تَحۡتِهَا ٱلۡأَنۡهَٰرُ خَٰلِدِينَ فِيهَاۚ نِعۡمَ أَجۡرُ ٱلۡعَٰمِلِينَ

Transliteration: (Wallazeena aamanoo wa 'amilus saalihaati la nubawwi 'annahum minal Jannati ghurafan tajree min tahtihal anhaaru khaalideena feehaa; ni'ma ajrul 'aamileen)

और जो लोग ईमान लाए और उन्होंने नेक अमल किए, हम ज़रूर उन्हें जन्नत के बुलंद बालाख़ानों (महलों) में जगह देंगे जिनके नीचे नहरें बहती होंगी, वे हमेशा उनमें रहेंगे [143]; क्या ही उम्दा अज्र है अमल करने वालों का [144]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अनकबूत आयत 58 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अंकबूत तफ़सीर - आयत 58

"और जो लोग ईमान लाए और उन्होंने नेक अमल किए, हम ज़रूर उन्हें जन्नत के बुलंद बालाख़ानों (महलों) में जगह देंगे जिनके नीचे नहरें बहती होंगी, वे हमेशा उनमें रहेंगे [143]; क्या ही उम्दा अज्र है अमल करने वालों का [144]!"

[143] जन्नत के बुलंद बालाख़ाने

ईमान और नेक आमाल करने वालों के लिए जन्नत में आलीशान, नूरानी और बुलंद मकानात (बालाख़ाने) तैयार हैं जिनके नीचे पाक-साफ़ नहरें बहती होंगी। यह नेमत कभी ख़त्म होने वाली नहीं, बल्कि हमेशा-हमेशा के लिए है।

[144] नेक आमाल करने वालों का बेहतरीन बदला

अल्लाह तआला ने फ़रमाया कि नेक अमल करने वालों को यह बेहतरीन बदला मिलेगा। उलमा फ़रमाते हैं कि यह आला दर्जात उन मुख़्लिस बंदों के लिए हैं जिन्होंने अल्लाह की राह में मशक़्क़तें उठाईं, सब्र किया और अपने आमाल को अल्लाह की रज़ा के लिए ख़ालिस रखा।

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