कुरान - 7:129 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

129
قَالُوٓاْ أُوذِينَا مِن قَبۡلِ أَن تَأۡتِيَنَا وَمِنۢ بَعۡدِ مَا جِئۡتَنَاۚ قَالَ عَسَىٰ رَبُّكُمۡ أَن يُهۡلِكَ عَدُوَّكُمۡ وَيَسۡتَخۡلِفَكُمۡ فِي ٱلۡأَرۡضِ فَيَنظُرَ كَيۡفَ تَعۡمَلُونَ

Transliteration: (Qaaloo oozeenaa min qabli an ta'tiyanaa wa mim ba'di maa ji'tanaa; qaala 'asaa Rabbukum ai yuhlika 'aduwwakum wa yastakhli fakum fil ardi fayanzura kaifa ta'maloon)

उन्होंने कहा: "हम पर तो आपसे पहले भी ज़ुल्म हुआ और जबसे आप हमारे पास आए हैं [269]।" मूसा ने कहा: "क़रीब है कि तुम्हारा रब तुम्हारे दुश्मन को हलाक कर दे और तुम्हें ज़मीन का वारिस बना दे, फिर देखे कि तुम कैसे काम करते हो [270]।a (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 129 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-आ'राफ़ – आयत 129 की तफ़्सीर

✅ [269] लम्बे ज़ुल्म से मायूसी

  • बनी इसराईल ने अपना ग़म और मायूसी बयान की कि आप (मूसा अलैहिस्सलाम) के आने से पहले भी हम ज़ालिमों के हाथों सताए जाते रहे और आपके आने के बाद भी।
  • उन्होंने उम्मीद की थी कि जब हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम भेजे गए हैं तो फिरऔन का क़हर और बच्चों की क़त्ल-ओ-ग़ारत बंद हो जाएगा, लेकिन ऐसा न हुआ।
  • यह उनकी बेचैनी और राहत की तलाश का इज़हार था—“आख़िर नजात कब मिलेगी?”

✅ [270] ग़ैबी तदबीर की झलक

  • हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम ने उन्हें तसल्ली दी और ग़ैब की खबर सुनाई कि अल्लाह जल्द ही फिरऔन को हलाक कर देगा और बनी इसराईल को ज़मीन का वारिस बना देगा।
  • यह बात हक़ीक़त में पूरी हुई: फिरऔन दरिया में डूबा और बनी इसराईल मिस्र के वारिस बने।
  • लेकिन इसके साथ ही एक नसीहत भी दी कि जब अल्लाह तुम्हें आज़ादी और ताक़त देगा तो वह देखेगा कि तुम कैसे अमल करते हो।
  • यानी नेमत के साथ इम्तिहान भी आता है—आज़ादी जिम्मेदारी का पैग़ाम है।

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