Transliteration: (Wa qaalal mala-u min qawmi Fir'awna atazaru Moosaa wa qawmahoo liyufsidoo fil ardi wa yazaraka wa aalihatak; qaala sanuqattilu abnaaa 'ahum wa nastahyee nisaaa'ahum wa innaa fawqahum qaahiroon)
जब जादूगर सज्दा कर के ईमान ले आए, तो रिवायत है कि तक़रीबन छः लाख लोग उस मंज़र को देखकर ईमान ले आए। यह देख कर फ़िरऔन के दरबार के सरदार डर गए और उन्होंने सवाल किया कि क्यों मूसा पर सख़्ती नहीं की जा रही। उन्हें खौफ़ था कि ईमान की यह क्रांति फ़िरऔन की रबूबियत को चुनौती दे देगी।
“तेरे माबूदों” से मुराद वे बुत हैं जिन्हें फ़िरऔन ने अपनी क़ौम को दिया था। उसके क़रीबी लोग सीधे फ़िरऔन की पूजा करते थे, जबकि दूर-दराज़ इलाक़ों के लोग उसके पत्थर और लकड़ी से बने बुतों की इबादत करते थे। यह सरकारी बुतपरस्ती फ़िरऔन की हुकूमत का सहारा थी, और मूसा का पैग़ाम इस पूरे निज़ाम को ढहाने वाला था।
फ़िरऔन ने दहशत फैलाने की सियासत अपनाई — उसने हुक्म दिया कि उनके बेटों को मार दिया जाए और उनकी औरतों (कमसिन लड़कियों) को ज़िन्दा रखा जाए ताकि वे उसकी हुकूमत के मातहत पलें और मज़दूरी का ज़रिया बनें। यह नापाक चाल बनी इस्राईल के भविष्य को कुचलने के लिए थी। फ़िरऔन अपनी क़ुदरत का दावे से इज़हार करता था, लेकिन उसके दिल में मूसा की हक़ीक़त और रोब से खौफ़ छुपा हुआ था।
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