कुरान - 7:125 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

125
قَالُوٓاْ إِنَّآ إِلَىٰ رَبِّنَا مُنقَلِبُونَ

Transliteration: (Qaaloo innaaa ilaa Rabbinaa munqaliboon)

उन्होंने कहा: निश्चय ही हम अपने रब की ओर लौटने वाले हैं [259]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 125 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-आराफ़ – आयत 125 की तफ़्सीर

✅ [259] बेख़ौफ़ ईमान और रूहानी तरक़्क़ी

जादूगरों का यह जवाब बताता है कि सच्चा ईमान इंसान के दिल से हर डर मिटा देता है, सिवाय अल्लाह के डर के। फ़िरऔन की हाथ-पाँव काटने और सूली देने की धमकियों के बावजूद उन्होंने सुकून से कहा कि वे अपने रब की ओर लौटेंगे। इससे मालूम होता है कि नबी की सोहबत इंसान को फ़ौरन रूहानी बुलंदी पर पहुँचा देती है। उसी दिन जब उन्होंने हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम पर ईमान लाया, उनके दिल में ऐसा यक़ीन और सब्र पैदा हुआ कि मौत और सूली भी उन्हें डिगा न सकी। यही वलीयत की पहचान है।

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