कुरान - 7:197 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

197
وَٱلَّذِينَ تَدۡعُونَ مِن دُونِهِۦ لَا يَسۡتَطِيعُونَ نَصۡرَكُمۡ وَلَآ أَنفُسَهُمۡ يَنصُرُونَ

Transliteration: (Wallazeena tad'oona min doonihee laa yastatee'oona nasrakum wa laaa anfusahum yansuroon)

और जिनको तुम अल्लाह के सिवा पुकारते हो, वे न तो तुम्हारी मदद कर सकते हैं और न अपनी ही मदद कर सकते हैं [452]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 197 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-आ़राफ़ – आयत 197 की तफ़्सीर

✅ [452] झूठे माबूदों की बेबसी

इससे मुराद यह है कि अगर कोई कुत्ता उनकी क़ुर्बानी की चीज़ उठा ले जाए तो वे उसे वापस नहीं छीन सकते, और अगर मक्खियाँ उनके आस-पास मंडराएँ तो वे उन्हें भी नहीं भगा सकते। यह उनकी पूरी बेबस स्थिति को दर्शाता है कि वे न तो इबादत के क़ाबिल हैं और न ही अपने लिए किसी तरह की मदद कर सकते हैं।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now