कुरान - 7:202 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

202
وَإِخۡوَٰنُهُمۡ يَمُدُّونَهُمۡ فِي ٱلۡغَيِّ ثُمَّ لَا يُقۡصِرُونَ

Transliteration: (Wa ikhwaanuhum yamuddoonahum fil ghayyi thumma laa yuqsiroon)

और उनके भाई (शैतान) उन्हें ग़लत राह पर चलने में मदद करते हैं; फिर वे रुकते नहीं [457] (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 202 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-आराफ़ – आयत 202 की तफ़्सीर

 

✅ [457] शैतानों की लगातार कोशिश

मतलब यह है कि शैतान, जिन्हें उनके भाई कहा गया है, लगातार उन्हें ग़लत रास्ते पर चलने के लिए उकसाते हैं। ये कभी नहीं रुकते और लगातार उन्हें भटके रहने की तरफ़ धकेलते रहते हैं।

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