Transliteration: (Wa kam min qaryatin ahlaknaahaa fajaaa'ahaa ba'sunaa bayaatan aw hum qaaa'iloon)
यह रात का आख़िरी हिस्सा है, ठीक सुबह से पहले का, जब लोग गहरी नींद में होते हैं और भागने का कोई रास्ता नहीं होता। इससे मालूम हुआ कि रात का आख़िरी हिस्सा अल्लाह की याद में मग्न लोगों के लिए रहमत का समय है और ग़ाफ़िल लोगों के लिए क़हर का समय। यही वजह है कि तहज्जुद की नमाज़ इस वक़्त सबसे ज़्यादा मुफ़ीद है, जिससे अल्लाह के ग़ज़ब की आग ठंडी होती है।
सारांश यह है कि अज़ाब उन पर ऐसे वक़्त आया जब उन्हें इसकी ज़रा भी उम्मीद न थी। ज़्यादातर पर रात के आख़िरी हिस्से में आया और कुछ पर उनके दोपहर के आराम के समय। इसकी कोई पूर्व चेतावनी न थी, बल्कि यह बिल्कुल अचानक और अनपेक्षित आया—वरना वे इत्मीनान से आराम न कर रहे होते।
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