कुरान - 7:86 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

86
وَلَا تَقۡعُدُواْ بِكُلِّ صِرَٰطٖ تُوعِدُونَ وَتَصُدُّونَ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِ مَنۡ ءَامَنَ بِهِۦ وَتَبۡغُونَهَا عِوَجٗاۚ وَٱذۡكُرُوٓاْ إِذۡ كُنتُمۡ قَلِيلٗا فَكَثَّرَكُمۡۖ وَٱنظُرُواْ كَيۡفَ كَانَ عَٰقِبَةُ ٱلۡمُفۡسِدِينَ

Transliteration: (Wa laa taq'udoo bikulli siraatin too'idoona wa tasuddoona 'an sabeelil laahi man aamana bihee wa tabghoonahaa 'iwajaa; waz kurooo iz kuntum qaleelan fakassarakum wanzuroo kaifa kaana 'aaqibatul mufsideen)

'और हर रास्ते पर इस तरह न बैठो कि तुम डराते-धमकाते हो और अल्लाह की राह से उसे रोकते हो जो उस पर ईमान लाया और उसमें टेढ़ तलाश करते हो; और याद करो जब तुम थोड़े थे तो उसने तुम्हें बढ़ा दिया; और देखो कि फ़साद फैलाने वालों का कैसा अंजाम हुआ।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 86 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-आअराफ़ - आयत 86

✅ राहज़नी और दीने हक़ से रोकने की मुमानअत

मदयन वाले रास्तों पर बैठकर मुसाफ़िरों को लूटते थे और नबी की बात सुनने से रोकते थे; उन्हें पिछली क़ौमों के अंजाम से डराया गया।

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