कुरान - 7:87 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

87
وَإِن كَانَ طَآئِفَةٞ مِّنكُمۡ ءَامَنُواْ بِٱلَّذِيٓ أُرۡسِلۡتُ بِهِۦ وَطَآئِفَةٞ لَّمۡ يُؤۡمِنُواْ فَٱصۡبِرُواْ حَتَّىٰ يَحۡكُمَ ٱللَّهُ بَيۡنَنَاۚ وَهُوَ خَيۡرُ ٱلۡحَٰكِمِينَ

Transliteration: (Wa In kaana taaa'ifatum minkum aamanoo billazeee ursiltu bihee wa taaa'ifatul lam yu'minoo fasbiroo hattaa yahkumal laahu bainanaa; wa Huwa khairul haakimeen (End Juz 8))

'और अगर तुम में से एक जमाअत उस पर ईमान ले आई जिसे देकर मुझे भेजा गया है और दूसरी जमाअत ईमान नहीं लाई, तो सब्र करो यहां तक कि अल्लाह हमारे दरमियान फ़ैसला फ़रमा दे; और वह सबसे बेहतरीन फ़ैसला करने वाला है।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 87 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-आअराफ़ - आयत 87

✅ अल्लाह का फ़ैसला

हज़रत शुऐब (अलै.) ने मोमिनों को साबित क़दम रहने की तालीम दी कि अल्लाह हक़ व बातिल के दरमियान बेहतरीन फ़ैसला फ़रमाएगा।

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