कुरान - 7:88 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

88
۞قَالَ ٱلۡمَلَأُ ٱلَّذِينَ ٱسۡتَكۡبَرُواْ مِن قَوۡمِهِۦ لَنُخۡرِجَنَّكَ يَٰشُعَيۡبُ وَٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ مَعَكَ مِن قَرۡيَتِنَآ أَوۡ لَتَعُودُنَّ فِي مِلَّتِنَاۚ قَالَ أَوَلَوۡ كُنَّا كَٰرِهِينَ

Transliteration: (Qaalal mala ul lazeenas takbaroo min qawmihee lanukhrijannaka yaa Shu'aibu wallazeena aamanoo ma'aka min qaryatinaaa aw lata'oo dunna fee millatinaa; qaala awa law kunnaa kaariheen)

उनकी क़ौम के मुतकब्बिर सरदारों ने कहा: 'ऐ शुऐब! हम तुम्हें और जो लोग तुम्हारे साथ ईमान लाए हैं ज़रूर अपने शहर से निकाल बाहर करेंगे या तुम्हें हमारे दीन में वापस लौटना होगा!' उन्होंने कहा: 'क्या तब भी जब हम इससे बेज़ार हों?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 88 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-आअराफ़ - आयत 88

✅ शहर-बदरी की धमकी और नबी का अज़्म

काफ़िर सरदारों ने मुकम्मल तौर पर दीन छोड़ने या शहर से निकालने की धमकी दी, मगर नबी ने अपने ईमान पर अटल रहने का एलान किया।

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