कुरान - 7:94 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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وَمَآ أَرۡسَلۡنَا فِي قَرۡيَةٖ مِّن نَّبِيٍّ إِلَّآ أَخَذۡنَآ أَهۡلَهَا بِٱلۡبَأۡسَآءِ وَٱلضَّرَّآءِ لَعَلَّهُمۡ يَضَّرَّعُونَ

Transliteration: (Wa maaa arsalnaa fee qaryatim min Nabiyyin illaaa akhaznaaa ahlahaa bil ba'saaa'i waddarraaa'i la'allahum yaddarra'oon)

और हमने किसी बस्ती में कोई नबी नहीं भेजा मगर यह कि उसके रहने वालों को तंगदस्ती और तकलीफ़ में पकड़ा ताकि वे गिड़गिड़ाएं (आजीज़ी इख़्तियार करें)। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 94 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-आअराफ़ - आयत 94

✅ तंगदस्ती और आज़माइश की हिकमत

अल्लाह क़ौमों पर मुश्किलात और फ़क़्र भेजता है ताकि उनका तकब्बुर टूटे और वे अल्लाह की बारगाह में रुजू करें।

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