कुरान - 7:97 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

97
أَفَأَمِنَ أَهۡلُ ٱلۡقُرَىٰٓ أَن يَأۡتِيَهُم بَأۡسُنَا بَيَٰتٗا وَهُمۡ نَآئِمُونَ

Transliteration: (Afa amina ahlul quraaa ai ya'tiyahum ba'sunaa bayaatanw wa hum naaa'imoon)

तो क्या बस्तियों वाले इस बात से बे-ख़ौफ़ हो गए हैं कि हमारा अज़ाब उन पर रात के वक़्त आ पड़े जब वे सो रहे हों? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 97 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-आअराफ़ - आयत 97

✅ रात के अज़ाब से बे-ख़ौफ़ न होना

ग़फ़लत की नींद में मस्त बस्तियों पर अल्लाह का अज़ाब अचानक आ सकता है।

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