कुरान - 2:218 सूरह अल-बक़रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

218
إِنَّ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَٱلَّذِينَ هَاجَرُواْ وَجَٰهَدُواْ فِي سَبِيلِ ٱللَّهِ أُوْلَـٰٓئِكَ يَرۡجُونَ رَحۡمَتَ ٱللَّهِۚ وَٱللَّهُ غَفُورٞ رَّحِيمٞ

Transliteration: (Innal lazeena aamanoo wallazeena haajaroo wa jaahadoo fee sabeelil laahi ulaaa'ika yarjoona rahmatal laah; wallaahu Ghafoorur Raheem)

बेशक जो लोग ईमान लाए और जिन लोगों ने हिजरत की और अल्लाह की राह में जिहाद किया, यही लोग अल्लाह की रहमत के उम्मीदवार हैं; और अल्लाह बड़ा बख़्शने वाला, निहायत रहम फ़रमाने वाला है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-बक़रा आयत 218 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-बक़रह - आयत 218

✅ मुहाजिरीन व मुजाहिदीन की फ़ज़ीलत

ईमान, हिजरत और जिहाद करने वालों की कुर्बानियों को अल्लाह तआला अपनी रहमते ख़ास और मग़फ़िरत से नवाज़ता है।

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