कुरान - 2:30 सूरह अल-बक़रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

30
وَإِذۡ قَالَ رَبُّكَ لِلۡمَلَـٰٓئِكَةِ إِنِّي جَاعِلٞ فِي ٱلۡأَرۡضِ خَلِيفَةٗۖ قَالُوٓاْ أَتَجۡعَلُ فِيهَا مَن يُفۡسِدُ فِيهَا وَيَسۡفِكُ ٱلدِّمَآءَ وَنَحۡنُ نُسَبِّحُ بِحَمۡدِكَ وَنُقَدِّسُ لَكَۖ قَالَ إِنِّيٓ أَعۡلَمُ مَا لَا تَعۡلَمُونَ

Transliteration: (Wa iz qaala rabbuka lil malaaa'ikati innee jaa'ilun fil ardi khaleefatan qaalooo ataj'alu feehaa mai yufsidu feehaa wa yasfikud dimaaa'a wa nahnu nusabbihu bihamdika wa nuqaddisu laka qaala inneee a'lamu maa laa ta'lamoon)

30. और (याद करो ऐ मुहम्मद) जब तुम्हारे रब ने फ़रिश्तों से कहा: "निस्संदेह, मैं ज़मीन पर एक "नुमाइंदा" बनाने वाला हूँ।" उन्होंने कहा: "क्या आप उसमें ऐसे को रखेंगे जो उसमें फ़साद करेगा और खून बहाएगा, जबकि हम आपकी तारीफ़ बयान करते हैं और आपको पाक कहते हैं?" उन्होंने फ़रमाया: "निश्चय ही, मैं वह जानता हूँ जो तुम नहीं जानते।" [58][59] (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-बक़रा आयत 30 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

[58] फ़रिश्तों का सवाल और उनका इल्म

इस आयत से पता चलता है कि फ़रिश्तों को कुछ ग़ैब की बातें मालूम थीं, क्योंकि उन्होंने इंसानों के फ़साद और खून-खराबे की बात कही। ये अंदाज़ा उन्होंने शायद जिन्नात या पहले मख़लूक़ात को देखकर लगाया होगा। यह मुक़ालमा भी दिखाता है कि मशवरा देना अल्लाह की सुन्नत है — जहाँ राए ली जाती है। फ़रिश्ते एतराज़ नहीं कर रहे थे बल्कि अदब से अपना इल्म बयान कर रहे थे। इससे ये भी साबित होता है कि किसी के पीछे उसकी ग़ैर-हाज़िरी में बात करना जायज़ है अगर नियत सही हो और उसमें कोई बुराई ना हो।

[59] अपने आपको पाक और नेक बताना मुमकिन है

जब फ़रिश्तों ने कहा: “हम आपकी तारीफ़ करते हैं और आपको पाक कहते हैं”, तो इसका मतलब था कि वे अपनी बंदगी और मक़ाम को बयान कर रहे थे। इससे साबित होता है कि अगर अदब से किया जाए तो अपने फ़ज़ीलत और किरदार का ज़िक्र करना जायज़ है। जैसे हज़रत यूसुफ़ अलैहिस्सलाम ने मिस्र के बादशाह से कहा था: "मुझे ख़ज़ाने की निगरानी दो, बेशक मैं अमानतदार और इल्म वाला हूँ।” (सूरह यूसुफ़ 12:55)। इससे ये साबित होता है कि जब नियत खिदमत और ज़िम्मेदारी हो, तो अपनी सलाहियत का ज़िक्र घमंड नहीं बल्कि जायज़ दरख़्वास्त है।

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