Transliteration: (Wa izis tasqaa Moosaa liqawmihee faqulnad rib bi'asaakal hajara fanfajarat minhusnataaa 'ashrata 'aynan qad 'alima kullu unaasim mash rabahum kuloo washraboo mir rizqil laahi wa laa ta'saw fil ardi mufsideen)
यह हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम का एक बड़ा मोजिज़ा था।
उनकी दुआ पर अल्लाह ने हुक्म दिया कि वे अपनी लाठी से एक पत्थर पर मारें —
और उसी वक्त उसमें से बारह पानी के सोते (चश्मे) फूट निकले,
हर एक सोता बनी इसराईल के बारह क़बीलों में से एक के लिए तय था।
👉 यह मोजिज़ा उस जंगल "तीह" में हुआ था जहाँ बनी इसराईल भटक रहे थे।
आख़िर में अल्लाह ने ताकीद की:
"अल्लाह की रोज़ी से खाओ-पियो, मगर ज़मीन में फसाद मत फैलाओ।"
📌 यानी अगर तुम अल्लाह की नेमतों का सही इस्तेमाल नहीं करोगे,
गुनाहों और ज़ुल्म में पड़ जाओगे —
तो ये नेमतें भी छिन सकती हैं।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat