Transliteration: (Awalaa ya'lamoona annal laaha ya'lamu maa yusirroona wa maa yu'linoon)
अल्लाह सब जानता है — छुपा हुआ भी और ज़ाहिर भी:
यह आयत यहूदियों को याद दिलाती है कि वे जो कुछ भी अपने दिलों में छिपाते हैं या ज़बान से कहते हैं — अल्लाह उसे पूरी तरह जानता है।
वे लोग जो नबी करीम ﷺ के बारे में अपनी किताबों में लिखी गई सच्चाई को छिपाते थे, उन्हें यह चेतावनी दी गई है कि अल्लाह की नज़र से कुछ भी छुपा नहीं। यह चेतावनी आज के मुसलमानों के लिए भी है — अगर कोई नबी की शान और ज़िक्र से लोगों को रोकता है या उसे कमतर दिखाने की कोशिश करता है, तो वह भी उसी गलत रवैये को अपनाता है जो पहले यहूदियों ने अपनाया था।
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