कुरान - 25:35 सूरह अल-फुरक़ान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

35
وَلَقَدۡ ءَاتَيۡنَا مُوسَى ٱلۡكِتَٰبَ وَجَعَلۡنَا مَعَهُۥٓ أَخَاهُ هَٰرُونَ وَزِيرٗا

Transliteration: (Wa laqad aatainaa Moosal Kitaaba wa ja'alnaa ma'ahooo akhaahu Haaroona wazeeraa)

और बेशक हमने मूसा को किताब (तौरात) दी और उनके साथ उनके भाई हारून को उनका मददगार (वज़ीर) मुक़र्रर किया [65]; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-फुरक़ान आयत 35 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अल-फ़ुरक़ान – आयत 35

"और बेशक हमने मूसा को किताब दी और उनके भाई हारून को वज़ीर मुक़र्रर किया [65]।"

[65] हज़रत मूसा व हज़रत हारून अलैहिमुस्सलाम की रिसालत व नुसरत

अल्लाह तआला ने हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम को तौरात जैसी मुक़द्दस किताब अता फ़रमाई और उनकी दुआ पर उनके सगे भाई हज़रत हारून अलैहिस्सलाम को नबुव्वत बख़्श कर उनका वज़ीर और मददगार बनाया ताकि वे मिलकर फ़िरऔन की सरकशी का मुक़ाबला कर सकें।

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