कुरान - 25:33 सूरह अल-फुरक़ान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

33
وَلَا يَأۡتُونَكَ بِمَثَلٍ إِلَّا جِئۡنَٰكَ بِٱلۡحَقِّ وَأَحۡسَنَ تَفۡسِيرًا

Transliteration: (Wa laa ya'toonaka bi masalin illaa ji'naaka bilhaqqi wa ahsana tafseeraa)

और वे आपके पास कोई भी अजीब मिसाल (एतिराज़) लेकर नहीं आते मगर हम आपके पास उसका सच्चा जवाब और बेहतरीन तफ़्सीर (स्पष्टीकरण) ले आते हैं [63]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-फुरक़ान आयत 33 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अल-फ़ुरक़ान – आयत 33

"और वे कोई अजीब मिसाल लेकर नहीं आते मगर हम सच्चा जवाब और बेहतरीन तफ़्सीर ले आते हैं [63]!"

[63] काफ़िरों के हर शुकूफ़े और एतराज़ का मुदल्लल व कामिल जवाब

मुशरिकीन और यहूद हुज़ूर ﷺ को आजिज़ करने के लिए तरह-तरह के अनोखे सवालात और झूठी मिसालें तराश कर लाते थे। अल्लाह तआला ने फ़रमाया कि वे जो भी एतराज़ उठाएंगे, हम फ़ौरन वह्य के ज़रिए उसका ऐसा हक़ीक़ी, मुदल्लल और रौशन जवाब (अहसन तफ़्सीरा) नाज़िल फ़रमा देंगे जो उनके तमाम मुग़ालतों को जड़ से काट कर रख देगा।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now