कुरान - 25:39 सूरह अल-फुरक़ान अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

39
وَكُلّٗا ضَرَبۡنَا لَهُ ٱلۡأَمۡثَٰلَۖ وَكُلّٗا تَبَّرۡنَا تَتۡبِيرٗا

Transliteration: (Wa kullan darabnaa lahul amsaala wa kullan tabbarnaa tatbeera)

और हमने हर एक के लिए (समझाने को) मिसालें बयान की थीं [72], और आख़िरकार हमने हर एक को बिल्कुल तबाह व बर्बाद कर डाला [73]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-फुरक़ान आयत 39 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

तफ़सीर सूरह अल-फ़ुरक़ान – आयत 39

"और हमने हर एक के लिए मिसालें बयान की थीं [72], और हर एक को बिल्कुल तबाह व बर्बाद कर डाला [73]!"

[72] हुज्जत तमाम करने के लिए मिसालें और दलाइल

अल्लाह तआला ने किसी भी क़ौम पर अचानक अज़ाब नहीं भेजा बल्कि पहले अपने रसूल भेजे, वाज़ेह निशानियाँ दिखाईं और पिछली क़ौमों के इब्रतनाक वाक़िआत की मिसालें देकर उन्हें ख़ूब समझाया ताकि हुज्जत तमाम हो जाए।

[73] 'ततबीर' यानी जड़ से उखाड़ कर हलाक करना

जब उन्होंने नसीहत क़बूल करने के बजाय कुफ़्र व बगावत का रास्ता चुना, तो अल्लाह ने 'ततबीर' फ़रमाया यानी उन्हें इस तरह नेस्त-ओ-नाबूद कर दिया कि उनका नाम-ओ-निशान तक बाक़ी न रहा।

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