कुरान - 22:27 सूरह अल-हज् अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

27
وَأَذِّن فِي ٱلنَّاسِ بِٱلۡحَجِّ يَأۡتُوكَ رِجَالٗا وَعَلَىٰ كُلِّ ضَامِرٖ يَأۡتِينَ مِن كُلِّ فَجٍّ عَمِيقٖ

Transliteration: (Wa azzin fin naasi bil Hajji yaatooka rijaalanw wa 'alaa kulli daamiriny yaateena min kulli fajjin 'ameeq)

27. 'और लोगों में हज का एलान कर दीजिए [59]; वे आपके पास पैदल चलकर आएंगे [60] और दुबली-पतली ऊंटनियों पर सवार होकर आएंगे जो दूर-दराज़ के रास्तों से सफ़र करके आएंगी [61] ।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हज् आयत 27 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हज्ज — आयत 27 की तफ़सीर

"'और लोगों में हज का एलान कर दीजिए [59]; वे आपके पास पैदल चलकर आएंगे [60] और दुबली-पतली ऊंटनियों पर सवार होकर आएंगे जो दूर-दराज़ के रास्तों से सफ़र करके आएंगी [61] ।'"

[59] हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) का निदा-ए-हज

जब काबा की तामीर मुकम्मल हुई, तो अल्लाह ने हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) को हुक्म दिया कि लोगों में हज का एलान करें। हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) ने जबल-ए-अबू क़ुबैस पर खड़े होकर चारों तरफ़ पुकारा: "ऐ लोगो! तुम्हारे रब ने अपना घर बनाया है, पस अपने रब के घर का हज करो!" अल्लाह तआला ने इस आवाज़ को क़ियामत तक पैदा होने वाली तमाम रूहों तक पहुंचा दिया। जिस रूह ने जितनी मर्तबा 'लब्बैक' कहा, वह उतनी मर्तबा हज की सआदत हासिल करेगी।

इस वाक़िए से साबित हुआ कि ग़ायबाना निदा (दूर से पुकारना) जाइज़ है, जैसे 'या रसूलुल्लाह ﷺ' कहना हक़ और सुन्नत से साबित है।

[60] निदा का आलमी असर और काबा की पाँच तामीरात

हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) की उस एक पुकार का यह असर है कि सदियां गुज़र जाने के बावजूद दुनिया के चप्पे-चप्पे से परवानों की तरह आशिक़ाने ख़ुदा खिंचे चले आते हैं। काबा मुअज़्ज़मा की तारीख़ में पाँच बड़ी तामीरात हुईं: (1) हज़रत आदम अलैहिस्सलाम, (2) हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम, (3) क़ुरैश (ज़माना-ए-नबूवत से 15 साल क़ब्ल), (4) हज़रत अब्दुल्लाह बिन ज़ुबैर रज़ियल्लाहु अन्हुमा, (5) हज्जाज बिन यूसुफ़।

[61] दूर-दराज़ और मशक़्क़त के सफ़र की फ़ज़ीलत

सफ़र की दूरी और तवील रास्तों की वजह से ऊंटनियां दुबली हो जाती हैं। जो लोग दूर-दराज़ मुल्कों से मशक़्क़त उठाकर या पैदल चलकर हज के लिए हाज़िर होते हैं, अल्लाह के नज़दीक उनका सवाब और मर्तबा बहुत बड़ा है।

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