कुरान - 22:47 सूरह अल-हज् अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

47
وَيَسۡتَعۡجِلُونَكَ بِٱلۡعَذَابِ وَلَن يُخۡلِفَ ٱللَّهُ وَعۡدَهُۥۚ وَإِنَّ يَوۡمًا عِندَ رَبِّكَ كَأَلۡفِ سَنَةٖ مِّمَّا تَعُدُّونَ

Transliteration: (Wa yasta'jiloonaka bil'azaabi wa lany yukhlifal laahu wa'dah; wa inna yawman 'inda Rabbika ka'alfi sanatim mimmaa ta'uddoon)

47. और वे आपसे अज़ाब की जल्दी मचाते हैं, हालांकि अल्लाह अपने वादे की हरगिज़ ख़िलाफ़वर्जी नहीं करेगा [105]; और बेशक आपके रब के नज़दीक एक दिन तुम्हारी गिनती के एक हज़ार साल के बराबर है [106] ! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हज् आयत 47 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हज्ज — आयत 47 की तफ़सीर

"और वे आपसे अज़ाब की जल्दी मचाते हैं, हालांकि अल्लाह अपने वादे की हरगिज़ ख़िलाफ़वर्जी नहीं करेगा [105]; और बेशक आपके रब के नज़दीक एक दिन तुम्हारी गिनती के एक हज़ार साल के बराबर है [106] !"

[105] अज़ाब का वाअदा और उसकी हिकमत

काफ़िर मज़ाक़ उड़ाते हुए कहते थे कि 'अगर तुम सच्चे हो तो वह अज़ाब ले क्यों नहीं आते?' अल्लाह ने फ़रमाया कि अल्लाह का वाअदा अटल है। दुनिया में बद्र के दिन उनकी गर्दनें काटी गईं, और आख़िरत का दायमी अज़ाब अपनी मुक़र्ररा मुद्दत पर ज़रूर आकर रहेगा।

[106] रब के नज़दीक एक दिन: एक हज़ार साल

अल्लाह तआला ज़मान व मकान की क़ैद से पाक है। क़ियामत का एक दिन तुम्हारी दुनियावी गिनती के एक हज़ार साल (और बाज़ जगहों पर पचास हज़ार साल) के बराबर होगा। काफ़िरों पर वह दिन बहुत लम्बा और भयानक गुज़रेगा, जबकि मोमिनीन के लिए अल्लाह के फ़ज़्ल से वह एक वक़्त की नमाज़ के बराबर हल्का और पुरसुकून महसूस होगा।

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