कुरान - 22:56 सूरह अल-हज् अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

56
ٱلۡمُلۡكُ يَوۡمَئِذٖ لِّلَّهِ يَحۡكُمُ بَيۡنَهُمۡۚ فَٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّـٰلِحَٰتِ فِي جَنَّـٰتِ ٱلنَّعِيمِ

Transliteration: (Almulku Yawma'izil lillaahi yahkumu bainahum; fallazeena aamanoo wa 'amilus saalihaati fee jannaatin Na'eem)

56. उस दिन बादशाही सिर्फ़ अल्लाह ही की होगी [120]; वह उनके दरमियान फ़ैसला फ़रमाएगा; पस जो लोग ईमान लाए और उन्होंने नेक आमाल किए [121], वे नेमतों वाले बाग़ात (जन्नत) में होंगे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हज् आयत 56 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हज्ज — आयत 56 की तफ़सीर

"उस दिन बादशाही सिर्फ़ अल्लाह ही की होगी [120]; वह उनके दरमियान फ़ैसला फ़रमाएगा; पस जो लोग ईमान लाए और उन्होंने नेक आमाल किए [121], वे नेमतों वाले बाग़ात (जन्नत) में होंगे।"

[120] यौमे जज़ा पर सिर्फ़ अल्लाह की बादशाही

अगरचे आज भी हक़ीक़ी बादशाह अल्लाह ही है, मगर क़ियामत के दिन दुनिया के तमाम झूठे दाअवेदार और मज़ाज़ी बादशाह बे-बस होंगे और हर ज़बान पर सिर्फ़ अल्लाह का नाम और उसका अज़ीम हुक्म चलेगा: 'लिमनिल मुल्कुलिस यौम? लिल्लाहिल वाहिदिल क़हहार' (आज किसकी बादशाही है? सिर्फ़ यकता और ज़बरदस्त अल्लाह की!)।

[121] हुस्ने ख़ातिमा और जन्नत की नेमतें

क़ियामत के दिन फ़ैसला ईमान और नेक आमाल की बुनियाद पर होगा। शर्त यह है कि ख़ातिमा ईमान पर हुआ हो। जिन ख़ुश-नसीबों को यह दौलत नसीब होगी, वे जन्नतुल नईम की दायमी नेमतों में हमेशा शादो-आबाद रहेंगे।

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