कुरान - 22:59 सूरह अल-हज् अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

59
لَيُدۡخِلَنَّهُم مُّدۡخَلٗا يَرۡضَوۡنَهُۥۚ وَإِنَّ ٱللَّهَ لَعَلِيمٌ حَلِيمٞ

Transliteration: (La yudkhilan nahum mud khalany yardawnah; wa innal laaha la 'Aleemun Haleem)

59. वह उन्हें ज़रूर ऐसी जगह दाख़िल फ़रमाएगा जिससे वे ख़ुश (राज़ी) हो जाएंगे; और बेशक अल्लाह सब कुछ जानने वाला, बड़ा बुर्दबार (हिल्म वाला) है [125] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हज् आयत 59 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हज्ज — आयत 59 की तफ़सीर

"वह उन्हें ज़रूर ऐसी जगह दाख़िल फ़रमाएगा जिससे वे ख़ुश (राज़ी) हो जाएंगे; और बेशक अल्लाह सब कुछ जानने वाला, बड़ा बुर्दबार (हिल्म वाला) है [125] ।"

[125] जन्नत की रिज़ा और मुक़ामे महमूद

यह आयत सहाबा-ए-किराम के उस सवाल के जवाब में नाज़िल हुई जिसमें उन्होंने पूछा था कि 'शहीदों का मर्तबा तो मालूम है, मगर जो अपनी मौत मरे उनका क्या हाल होगा?' अल्लाह ने फ़रमाया कि अल्लाह उन्हें जन्नत के ऐसे बुलन्द मक़ाम पर दाख़िल फ़रमाएगा जहाँ वे पूरी तरह राज़ी व ख़ुश हो जाएंगे। अल्लाह उनकी नियतों को जानता है और अपनी हिल्म व करम से उन्हें नवाज़ता है।

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