कुरान - 22:6 सूरह अल-हज् अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

6
ذَٰلِكَ بِأَنَّ ٱللَّهَ هُوَ ٱلۡحَقُّ وَأَنَّهُۥ يُحۡيِ ٱلۡمَوۡتَىٰ وَأَنَّهُۥ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٞ

Transliteration: (Zaalika bi annal laaha Huwal haqqu wa annahoo yuhyil mawtaa wa annahoo 'alaakulli shai'in Qadeer)

6. यह इसलिए कि अल्लाह ही हक़ है और वही मुर्दों को ज़िन्दा करता है और वह हर चीज़ पर पूरी क़ुदरत रखने वाला है [21] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हज् आयत 6 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हज्ज — आयत 6 की तफ़सीर

"यह इसलिए कि अल्लाह ही हक़ है और वही मुर्दों को ज़िन्दा करता है और वह हर चीज़ पर पूरी क़ुदरत रखने वाला है [21] ।"

[21] अल्लाह का हक़ होना और मुर्दों को ज़िन्दा फ़रमाना

इंसानी तख़लीक़ और ज़मीन के ज़िन्दा होने की निशानियाँ इस बात का मुकम्मल सुबूत हैं कि अल्लाह तआला ही हक़ीक़ी माबूद है। उसकी क़ुदरत मुतलक़ है; वह जैसे पहली बार पैदा करने पर क़ादिर है, वैसे ही मुर्दों को दोबारा ज़िन्दगी बख़्शने पर पूरी तरह क़ादिर है।

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