कुरान - 22:4 सूरह अल-हज् अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

4
كُتِبَ عَلَيۡهِ أَنَّهُۥ مَن تَوَلَّاهُ فَأَنَّهُۥ يُضِلُّهُۥ وَيَهۡدِيهِ إِلَىٰ عَذَابِ ٱلسَّعِيرِ

Transliteration: (Kutiba 'alaihi annahoo man tawallaahu fa annahoo yudilluhoo wa yahdeehi ilaa 'azaabis sa'eer)

4. जिसके बारे में यह लिख दिया गया है कि जो शख़्स उसे अपना दोस्त बनाएगा [8], तो वह उसे ज़रूर गुमराह कर देगा और उसे भड़कती हुई आग के अज़ाब की तरफ़ ले जाएगा। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हज् आयत 4 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हज्ज — आयत 4 की तफ़सीर

"जिसके बारे में यह लिख दिया गया है कि जो शख़्स उसे अपना दोस्त बनाएगा [8], तो वह उसे ज़रूर गुमराह कर देगा और उसे भड़कती हुई आग के अज़ाब की तरफ़ ले जाएगा।"

[8] शैतान की दोस्ती का अंजाम

अल्लाह तआला का यह क़तई फ़ैसला है कि जो शख़्स शैतान और बद-मज़हबों की पैरवी करेगा और उनसे दोस्ती रखेगा, वह उसे सिराते मुस्तक़ीम से भटका कर बिल-आख़िर जहन्नम की भड़कती हुई आग में झोंक देगा। बुरे साथियों की सोहबत इंसान के दीन व ईमान को तबाह कर देती है।

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