Transliteration: (Wa minan naasi mai yujaadilu fil laahi bighairi 'ilminw wa yattabi'u kullaa shaitaanim mareed)
"और लोगों में से कोई ऐसा भी है जो बिना किसी इल्म के अल्लाह के बारे में झगड़ा करता है [6] और हर सरकश शैतान की पैरवी करता है [7];"
यह आयत नज़र बिन हारिस जैसे मुनकिरीन के बारे में नाज़िल हुई जो बग़ैर किसी अक़ली या नक़ली दलील के अल्लाह की ज़ात, सिफ़ात और दोबारा ज़िन्दा किए जाने के बारे में झगड़ा करते थे। बे-इल्म होकर दीनी उमूर में बहसो-मुबाहसा करना सख़्त गुनाह है।
जो लोग हक़ की रौशनी छोड़ देते हैं, वे शैतानों के बहकावे में आकर अपनी ख़्वाहिशात के ग़ुलाम बन जाते हैं और हर सरकश शैतान उन्हें अपनी मर्ज़ी के मुताबिक़ गुमराह करता रहता है।
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