Transliteration: (Lahoo ma fis samaawaati wa ma fil ard; wa innal laaha la Huwal Ghaniyyul Hameed (section 8))
"उसी का है जो कुछ आसमानों में है और जो कुछ ज़मीन में है [131]; और बेशक अल्लाह ही बेनियाज़ (ग़नी), तमाम तारीफ़ों के लायक़ (हमीद) है।"
कायनात की हर शै का हक़ीक़ी मालिक सिर्फ़ अल्लाह है। इंसानों को जो कुछ मिलता है वह मज़ाज़ी और आरज़ी तौर पर अल्लाह की अता से होता है। अल्लाह किसी की इबादत या शुक्रगुज़ारी का मोहताज नहीं; तमाम इंसान मिलकर भी नाफ़रमानी करें तो उसकी शान में कोई कमी नहीं आती, और सब सजदा करें तो उसकी बड़ाई में कोई इज़ाफ़ा नहीं होता। वह ज़ातन ग़नी और हम्द के लायक़ है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat