Transliteration: (Wa Huwal lazee ahyaakum summa yumeetukum summa yuhyeekum; innal insaana la kafoor)
"और वही है जिसने तुम्हें ज़िन्दगी बख़्शी [135], फिर वही तुम्हें मौत देगा, फिर वही तुम्हें दोबारा ज़िन्दा करेगा; बेशक इंसान बड़ा ही नाशुकरा है [136] !"
इंसान पहले कुछ न था, अल्लाह ने उसे मिट्टी और नुत्फ़े से हयात बख़्शी। फिर मुक़र्रर मुद्दत पूरी होने पर वह उसे मौत देगा, और फिर क़ियामत के दिन हिसाब-किताब के लिए दोबारा ज़िन्दा फ़रमाएगा। ज़िंदगी और मौत का यह पूरा चक्कर सिर्फ़ अल्लाह की क़ुदरत में है।
अल्लाह के इतने एहसानात और ज़िन्दगी की नेमत के बावजूद अक्सर इंसान शिर्क और नाफ़रमानी में मुब्तला होकर ना-शुक्री का मुज़ाहरा करते हैं और आख़िरत की तैयारी से ग़ाफ़िल रहते हैं।
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