कुरान - 22:68 सूरह अल-हज् अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

68
وَإِن جَٰدَلُوكَ فَقُلِ ٱللَّهُ أَعۡلَمُ بِمَا تَعۡمَلُونَ

Transliteration: (Wa in jaadalooka faqulil laahu a'lamu bimaa ta'maloon)

68. और अगर वे आपसे झगड़ा करें, तो कह दीजिए कि 'अल्लाह ख़ूब जानता है जो कुछ तुम कर रहे हो [140] ।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हज् आयत 68 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हज्ज — आयत 68 की तफ़सीर

"और अगर वे आपसे झगड़ा करें, तो कह दीजिए कि 'अल्लाह ख़ूब जानता है जो कुछ तुम कर रहे हो [140] ।'"

[140] फ़ुज़ूल और बे-जा बहसों से किनारा-कशी

जो लोग हठधर्मी और ज़िद की वजह से बहस करते हैं, उनके साथ उलझने के बजाए मुआमला अल्लाह के सुपुर्द कर देना चाहिए। अल्लाह उनके आमाल और नियतों को ख़ूब जानता है और हर एक को उसके किए की सज़ा देगा। जिस तरह अल्लाह ने इब्लीस की बे-जा हुज्जतबाज़ी का तवील जवाब देने के बजाए फ़रमाया: 'निकल जा यहाँ से, तू मरदूद है', उसी तरह अहले हक़ को भी मुआनदीन के साथ वक़्त बर्बाद नहीं करना चाहिए।

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