Transliteration: (Allaahu yahkumu bainakum Yawmal Qiyaamati feemaa kuntum feehi takhtalifoon)
"'अल्लाह क़ियामत के दिन तुम्हारे दरमियान उन बातों का फ़ैसला फ़रमाएगा जिनमें तुम इख़्तिलाफ़ करते थे [141] ।'"
दुनिया में दीनी इख़्तिलाफ़ात और कुफ़्र व ईमान की कश्मकश का आख़िरी और क़तई फ़ैसला अल्लाह तआला क़ियामत के दिन फ़रमाएगा। उस दिन हक़ और बातिल पूरी तरह बे-नक़ाब हो जाएंगे और मुनकिरीन भी अपनी आंखों से हक़ीक़त देखकर अपनी ग़लती का एअ्तिराफ़ करेंगे।
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