कुरान - 22:69 सूरह अल-हज् अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

69
ٱللَّهُ يَحۡكُمُ بَيۡنَكُمۡ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِ فِيمَا كُنتُمۡ فِيهِ تَخۡتَلِفُونَ

Transliteration: (Allaahu yahkumu bainakum Yawmal Qiyaamati feemaa kuntum feehi takhtalifoon)

69. 'अल्लाह क़ियामत के दिन तुम्हारे दरमियान उन बातों का फ़ैसला फ़रमाएगा जिनमें तुम इख़्तिलाफ़ करते थे [141] ।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हज् आयत 69 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हज्ज — आयत 69 की तफ़सीर

"'अल्लाह क़ियामत के दिन तुम्हारे दरमियान उन बातों का फ़ैसला फ़रमाएगा जिनमें तुम इख़्तिलाफ़ करते थे [141] ।'"

[141] यौमे क़ियामत पर फ़ैसला-ए-इलाही

दुनिया में दीनी इख़्तिलाफ़ात और कुफ़्र व ईमान की कश्मकश का आख़िरी और क़तई फ़ैसला अल्लाह तआला क़ियामत के दिन फ़रमाएगा। उस दिन हक़ और बातिल पूरी तरह बे-नक़ाब हो जाएंगे और मुनकिरीन भी अपनी आंखों से हक़ीक़त देखकर अपनी ग़लती का एअ्तिराफ़ करेंगे।

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