कुरान - 22:70 सूरह अल-हज् अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

70
أَلَمۡ تَعۡلَمۡ أَنَّ ٱللَّهَ يَعۡلَمُ مَا فِي ٱلسَّمَآءِ وَٱلۡأَرۡضِۚ إِنَّ ذَٰلِكَ فِي كِتَٰبٍۚ إِنَّ ذَٰلِكَ عَلَى ٱللَّهِ يَسِيرٞ

Transliteration: (Alam ta'lam annal laaha ya'lamu maa fis samaaa'i wal ard; inna zaalika fee kitaab; inna zaalika 'alal laahi yaseer)

70. क्या आप नहीं जानते कि जो कुछ आसमान और ज़मीन में है अल्लाह उसे ख़ूब जानता है? बेशक यह सब एक किताब (लौहे महफ़ूज़) में दर्ज है; यक़ीनन यह अल्लाह के लिए बेहद आसान है [142] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हज् आयत 70 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हज्ज — आयत 70 की तफ़सीर

"क्या आप नहीं जानते कि जो कुछ आसमान और ज़मीन में है अल्लाह उसे ख़ूब जानता है? बेशक यह सब एक किताब (लौहे महफ़ूज़) में दर्ज है; यक़ीनन यह अल्लाह के लिए बेहद आसान है [142] ।"

[142] इल्मे इलाही और लौहे महफ़ूज़

अल्लाह तआला का इल्म तमाम कायनात को घेरे हुए है। हर ज़र्रे की हरकत और माज़ी, हाल व मुस्तक़बिल के तमाम वाक़िआत लौहे महफ़ूज़ में लिखे हुए हैं। यह लिखना किसी भूल के डर से नहीं बल्कि मख़लूक़ात और ख़ास मुक़र्रब बन्दों (अम्बिया व औलिया) पर ग़ैब के इनकिशाफ़ के लिए है। पूरी कायनात का निज़ाम चलाना और उसे महफ़ूज़ रखना अल्लाह के लिए बेहद आसान है।

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