Transliteration: (Alam tara annal laaha sakhkhara lakum maa fil ardi wal fulka tajree fil bahri bi amrihee wa yumsikus samaaa'a an taqa'a 'alal ardi illaa biiznih; innal laaha binnaasi la Ra'oofur Raheem)
"क्या आपने नहीं देखा कि अल्लाह ने ज़मीन की तमाम चीज़ों को तुम्हारे ताबेअ कर दिया है [132] और कश्तियों को भी जो उसके हुक्म से समन्दर में चलती हैं? और वह आसमान को थामे हुए है कि ज़मीन पर न गिर पड़े मगर उसके हुक्म से [133]; बेशक अल्लाह लोगों पर बड़ा शफ़ीक़ (मेहरबान), निहायत रहम फ़रमाने वाला है [134] ।"
अल्लाह तआला ने ज़मीन की तमाम मख़लूक़ात—जानवर, दरख़्त, नदियां, माअदनियात, आग और पानी—को इंसान के नफ़ा और ख़िदमत के लिए ताबेअ फ़रमा दिया है। समन्दर के सीने पर भारी-भरकम कश्तियां और जहाज़ उसके हुक्म से तैरते हैं।
अल्लाह तआला ने आसमान को अपनी क़ुदरत से थाम रखा है कि वह ज़मीन पर न गिर पड़े। क़ियामत तक यह अज़ीम छत बग़ैर किसी ज़ाहिरी सुतून के क़ायम है, और जब अल्लाह का हुक्म होगा तो वह फट जाएगी और लपेट ली जाएगी।
अल्लाह इंसानों पर बेहद शफ़ीक़ और रहीम है कि नाफ़रमानियों के बावजूद उन्हें रिज़्क़ अता फ़रमाता है, दुनियावी आफ़ात से महफ़ूज़ रखता है, और हिदायत के लिए अम्बिया व औलिया को भेजता है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat