Transliteration: (Allahu yastafee minal malaaa'ikati Rusulanw wa minan naas; innal laaha Samee'un Baseer)
"अल्लाह फ़रिश्तों में से भी पैग़ाम पहुंचाने वाले (रसूल) चुनता है और इंसानों में से भी [153]; बेशक अल्लाह सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ देखने वाला है।"
अल्लाह तआला ने वह्य लाने के लिए फ़रिश्तों में से रसूल चुने (जैसे हज़रत जिब्रील अलैहिस्सलाम) और इंसानों की हिदायत के लिए इंसानों में से रसूल मुंतख़ब फ़रमाए (जैसे हज़रत आदम से लेकर हुज़ूर ख़ातमुन नबिय्यीन ﷺ तक)। जिन्नात में से कोई नबी नहीं बनाया गया।
यह इंतख़ाब अल्लाह के अज़ली इल्म और हिकमत के तहत मुकम्मल हो चुका है। अब क़ियामत तक न कोई नया फ़रिश्ता रसूल बनकर आएगा और न कोई नया इंसान नबी बनाया जाएगा। हमारे आक़ा हुज़ूर मुहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ पर नबूवत का सिलसिला हमेशा के लिए मुकम्मल और ख़त्म हो चुका है।
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