Transliteration: (kazaalika naslukuhoo fee quloobil mujrimeen)
इसी तरह हम इस मज़ाक़ को मुजरिमों के दिलों में राह देते हैं [15] (दाख़िल करते हैं)।
इससे दो अहम मसले मालूम हुए:
जिस दिल पर ईमान की मुहर लगी हो, उसमें अम्बिया किराम की बेअदबी, मज़ाक़ और कुफ़्र कभी दाख़िल नहीं हो सकता।
अल्लाह तआला हर चीज़ का ख़ालिक़ है। इन्सान अस्बाब इख़्तियार करता है; काफ़िर कुफ़्र के अस्बाब अपनाते हैं, चुनाँचे अल्लाह तआला उनके दिलों में कुफ़्र पैदा फ़रमा देता है — जैसे कोई इन्सान किसी को क़त्ल करे तो मौत अल्लाह की तरफ़ से ही आती है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat