कुरान - 15:14 सूरह अल-हिज्र अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

14
وَلَوۡ فَتَحۡنَا عَلَيۡهِم بَابٗا مِّنَ ٱلسَّمَآءِ فَظَلُّواْ فِيهِ يَعۡرُجُونَ

Transliteration: (Wa law fatahnaa 'alaihim baabam minas samaaa'i fazaloo feehi ya'rujoon)

और अगर हम उन पर आसमान का कोई दरवाज़ा खोल दें कि वे दिन में उसमें चढ़ने लगें, (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हिज्र आयत 14 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हिज्र – आयत 14 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

और अगर हम उन पर आसमान का कोई दरवाज़ा खोल दें कि वे दिन में उसमें चढ़ने लगें,

यानी अगर उनकी ज़िद और मुतालबा पूरा करते हुए आसमान का दरवाज़ा खोल दिया जाए और वे दिन की रौशनी में अपनी आँखों से आसमान पर चढ़ते हुए जाएँ और फ़रिश्तों को देख लें—

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